ISRO

Mar 28, 2015

आईआरएनएसएस 1डी

आईआरएनएसएस-1डी,  आईआरएनएसएस के अंतरिक्ष घटक के 7 उपग्रहों के समूह में चौथा दिशानिर्देशन उपग्रह है। इसके पूर्ववर्ती आईआरएनएसएस-1ए, 1बी तथा 1सी को  क्रमशः पीएसएलवी-सी22, पीएसएलवी-सी24 तथा पीएसएलवी-सी26  द्वारा जुलाई 2013, अप्रैल 2014 तथा अक्तूबर 2014  में प्रमोचित किया गया था। आईआरएनएसएस-1डी का उत्थापन नीतभार 1425 कि.ग्रा है।आईआरएनएसएस-1डी  को भी आईआरएनएसएस-1ए, 1बी तथा 1सी की भांति ही संरूपित किया गया है। इस उपग्रह को अपने पूर्ववर्ती के प्रमोचन के बाद चार माह से भी कम समय में उपलब्ध कराया गया।  

आईआरएनएसएस-1डी के अल्ट्रा ट्रिपल संक्शन सौर सैल द्वारा बने दो सैर पैनल लगबग 1660 वाट विद्युत शक्ति का उत्पादन करते हैं। सूर्य व तारा संवेदक के अलावा जायरोस्कोप उपग्रह को अभिविन्यास (ओरियंटेशन) संदर्भ उपलब्ध कराते हैं। परमाणु घड़ी जैसे कुछ महत्वपूर्ण अवयवों के वास्ते विशेष ताप नियंत्रण स्कीम अभिकल्पित की गई है। आईआरएनएसएस-1डी का अभिवृति (एटिट्यूड) तथा कक्षा नियंत्रण तंत्र प्रतिक्रिया पहियों, चुम्‍बकीय टर्कित्रों, तथा प्रणोदकों की सहायता से उपग्रह के अभिविन्यास (ओरियंटेशन) को कायम रखता है। इसके प्रणोदक तंत्र में तरल अपोजी मोटर तथा प्रणोदक शामिल हैं।

आईआरएनएसएस-1डी को भूमध्यरेखीय धरातल के अनुसार 19.2 डिग्री नति के साथ 284 कि.मी. उपभू अर्थात पेरिजी (पृथ्वी से निकटतम बिंदु) तथा 20,650 कि.मी.अपभू अर्थात अपोजी (पृथ्वी से दूरस्थ बिंदु) की उप-भूतुल्यकाली कक्षा में प्रमोचित किया जाएगा।

प्रारंभिक कक्षा में प्रविष्ट होने के पश्चात आईआरएनएसएस-1डी के दोनो सौर पैनल एक के बाद एक तेजी से अपने आप खुल जाते हैँ तथा हासन स्थित मास्टर नियंत्रण सुविधा (एमसीएफ) उपग्रह का नियंत्रण अपने हाथों में ले कर आरंभिक कक्षा उत्थान युक्ति संजालन शुरू कर देता है। इसमें एक संचालन उपभू (पृथ्वी से निकटतम बिंदु) तथा तीन अपभू (पृथ्वी से दूरस्थ बिंदु) पर किए जाते हैं। इन युक्ति संजालनों के लिए उपग्रह की तरल अपोजी मोटर का प्रयोग कर अंततः उसे उसकी निर्धारित जगह पर वृत्ताकार भूस्थिर कक्षा में स्थापित कर दियाजाता है

Launch Vehicle: 
PSLV-C27/IRNSS-1D
Type of Satellite: 
Navigation
Manufacturer: 
ISRO
Owner: 
ISRO
Application: 
Navigation
Orbit Type: 
GSO