ISRO

एस.एस.एम.

स्‍कैनिंग स्‍काई मानीटर (एस.एस.एम.), जैसा कि नाम दर्शाता है, यह एक्‍स-रे स्रोतों में किसी भी प्रकार के अस्थिर व्‍यवहार को स्‍कैन करता है। किसी भी अंतरिक्ष मिशन में ऐसा उपकरण अनिवार्य है क्‍योंकि यह कुछ घंटों में आकाश के बड़े हिस्‍से को स्‍कैन  कर सकता है। अत: एस.एस.एम. 2.5-10 के.वो. ऊर्जा रेंज में विस्‍फोट होने के चरण में किसी भी प्रकार की अस्थिर घटना के संसूचना तथा उसका पता लगाने में एक अच्‍छा साधन है। साथ ही, एस.एस.एम. के निर्माण के समय, यदि किसी विशिष्‍ट स्‍थल पर कोई रोचक स्रोत प्राप्‍त होता है तो, एस्‍ट्रोसैट द्वारा ले जाने वाले अन्‍य उपकरणों तथा भू आधारित प्रेक्षणों को उस स्‍थल की ओर विस्‍तृत प्रेक्षणों हेतु चेतावनी दी जा सकती है। अत: एस.एस.एम. के लिए विशाल क्षेत्र दृश्‍य (एफ.ओ.वी.) तथा उत्‍तम कोणीय विभेदन होना आवश्‍यक है। एस.एस.एम. में तीन एक समान करीबन 22° ´ 100° के एफ.ओ.वी. सहित एक विमीय स्थिति संवेदनशील अनुपातिक काउंटर शामिल है। इस समुच्‍चयन को आकाश को स्‍कैन  करने हेतु एक घुमावदार प्‍लेटफार्म पर लगाया गया है। एस.एस.एम. के संसूचक के कार्य करने का सिद्धांत एल.ए. ´ पी.सी. के लिए आनुपातिक काउंटर के समान है, परंतु एनोड वायर के मामले में स्थिति संवेदनशील है तथा इसलिए यह 1-डी स्थिति संवेदनशील संसूचक है। इसके चार्ज को एनोड वायर के दो छोरों में अनुपातिक ढंग से बांटा गया है तथा यह एक्‍स-रे निर्मित चार्ज क्‍लाउड की घटना का आंकलन प्रदान करता है। 6 के.वो. पर वायर के साथ स्थिति विभेदन 0.7 एम.एन. है। तीन एस.एस.एम. यंत्रों के प्रत्‍येक के ऊपरी भाग में विभिन्‍न रूप से कोड किए गए द्वारक मास्‍क (सी.ए.एम.) पैटर्न शामिल हैं, जोकि प्रतिबिंबिकी घटक का निर्माण करता है, जो जुड़ा हुआ एकतरफा मार्ग है, जिसे आकाश में स्रोत की स्थिति का पता लगाने हे‍तु साफ्टवेयर अनुप्रयोग का प्रयोग करते हुए खोला जा सकता है (सी.जेड.टी.आई.  के लिए जैसा किया गया)। कोडिंग दिशा में एस.एस.एम. का कोणीय विभेदन ~12arc min (1°=60 arc min) तथा आर-पार ~2.50° है।

त्‍येक एस.एस.एम. इकाई का ज्‍या‍मितीय क्षेत्र 57.6 सेमी2 और कुल द्रव्‍यमान 75.5 कि.ग्रा. है।

इसके नीतभार का विकास इसरो उपग्रह केंद्र (आईजेक), बेंगलूर तथा आई.यू.सी.ए.ए. के द्वारा किया गया है।